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दिल्ली हाई कोर्ट ने पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की.

Category: politics

Published: December 23, 2024

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दिल्ली हाई कोर्ट ने 2022 बैच की पूर्व आईएएस अफसर पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। पूजा पर आरोप है कि उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर ओबीसी और दिव्यांगता कोटे का गलत लाभ लिया। कोर्ट ने इस मामले को गंभीर धोखाधड़ी बताते हुए उनकी याचिका को खारिज किया और उन्हें दी गई अंतरिम सुरक्षा भी समाप्त कर दी।

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह केवल UPSC जैसी प्रतिष्ठित संस्था के साथ धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि समाज के साथ भी अन्याय है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में आरोपी को राहत देना गलत मिसाल कायम करेगा। पूजा खेडकर पर आरोप है कि उन्होंने सिविल सर्विस परीक्षा 2022 में ओबीसी और दिव्यांगता कोटे के फर्जी प्रमाणपत्रों का सहारा लिया। उनकी उम्मीदवारी को UPSC ने 31 जुलाई 2023 को रद्द कर दिया था और भविष्य में किसी भी परीक्षा में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके अलावा, UPSC ने उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी।

दिल्ली की एक निचली अदालत ने 1 अगस्त 2023 को उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि यह मामला गहन जांच का है क्योंकि आरोप गंभीर हैं। इसके बाद पूजा ने निचली अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। पूजा खेडकर 2022 बैच की आईएएस अधिकारी थीं। उन्होंने सिविल सर्विस परीक्षा 2022 में ऑल इंडिया रैंक 841 हासिल की थी। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें पुणे में असिस्टेंट कलेक्टर के पद पर तैनात किया गया।

पदभार संभालते ही वह विवादों में घिर गईं। उन पर आरोप था कि उन्होंने अतिरिक्त चेंबर, लग्जरी गाड़ी और विशेष सुविधाओं की मांग की। इसके अलावा, निजी गाड़ी पर लाल-नीली बत्ती और महाराष्ट्र सरकार का स्टीकर लगाने से भी विवाद हुआ। इन घटनाओं के बाद उनकी शिकायत मुख्य सचिव से की गई, जिसके बाद उनका तबादला वाशिम कर दिया गया। दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पूजा खेडकर का आचरण न केवल सिविल सर्विसेज जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि समाज के अन्य उम्मीदवारों के अधिकारों का भी हनन करता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह के मामलों में गंभीरता से जांच होना आवश्यक है ताकि आगे इस प्रकार की धोखाधड़ी न हो।

Writer: neelamsingh116

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