!-- Topbar Start -->
Trending
Loading...

अमित शाह के बयान पर राज्यसभा और लोकसभा में हंगामा, पीएम मोदी के साथ अहम बैठक.

Category: politics

Published: December 18, 2024

News Image

राज्यसभा में संविधान पर बहस के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान के बाद संसद में भारी हंगामा हुआ। शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यह कहा था कि कांग्रेस सिर्फ बाबा आंबेडकर का नाम लेकर उनका अपमान कर रही है। उनके इस बयान से संसद में तीव्र विरोध उत्पन्न हुआ, जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। शाह के इस बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दफ्तर में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, मल्लिकार्जन खरगे और अन्य प्रमुख नेता मौजूद थे।

बैठक में शाह के बयान पर चर्चा हुई, जो राज्यसभा में संविधान पर चल रही बहस के दौरान उन्होंने दिए थे। इसके बाद से पूरे राजनीतिक जगत में हलचल मच गई और कांग्रेस ने इसे बाबा आंबेडकर का अपमान करार दिया। विरोधियों का कहना था कि शाह का बयान दलितों और आंबेडकर जी के खिलाफ था।

प्रधानमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक से पहले अमित शाह ने भाजपा के प्रमुख नेताओं से मुलाकात की। जेपी नड्डा, पीयूष गोयल और अश्विनी वैष्णव के साथ संसद भवन में बैठक के बाद, शाह सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे। हालांकि, इस बैठक में क्या चर्चा हुई, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इसमें सरकार के फ्रंटफुट पर रहने को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई।

17 दिसंबर को राज्यसभा में संविधान पर बहस के दौरान, अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया था। शाह ने कहा था, “कांग्रेस आंबेडकर-आंबेडकर का जाप कर रही है, अगर इस तरह का जाप भगवान का किया होता तो स्वर्ग चले जाते।” शाह के इस बयान से कांग्रेस खासा नाराज हो गई और उन्होंने इसे आंबेडकर का अपमान करार दिया। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। खरगे ने तो यह तक कह दिया कि शाह को गृहमंत्री के पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

राहुल गांधी ने इस मुद्दे को मनुस्मृति और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा से जोड़ते हुए इस बयान को दलित विरोधी बताया। कांग्रेस ने इस बयान को दलित समाज के प्रति घृणा और अपमान माना और इसके खिलाफ संसद में जमकर हंगामा किया।

अमित शाह के बयान के बाद लोकसभा और राज्यसभा दोनों में भारी हंगामा हुआ। कांग्रेस और विपक्षी दलों ने शाह के बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन किए। मल्लिकार्जुन खरगे ने गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की। इस दौरान, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। संसद भवन के बाहर भी कांग्रेस के सांसदों ने आंबेडकर की तस्वीर को लेकर प्रदर्शन किया और शाह के बयान का विरोध किया।

वहीं, सरकार ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी और विपक्ष के आरोपों को नकारा किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे शाह के बयान का एक छोटा सा हिस्सा लेकर उसे तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं। रिजीजू ने कहा कि बीजेपी बाबा आंबेडकर के प्रति श्रद्धा रखती है और पूरी दुनिया जानती है कि बीजेपी के लिए आंबेडकर का सम्मान कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी आंबेडकर के नाम पर राजनीति कर रही है और उनके योगदान को छोटा करने की कोशिश कर रही है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कांग्रेस को आंबेडकर के प्रति अपने सम्मान को दिखाने के बजाय इसे राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।

अमित शाह के बयान के बाद जो विवाद खड़ा हुआ, वह संसद के भीतर और बाहर तक फैल गया है। विपक्षी दलों ने इसे आंबेडकर का अपमान बताया है, जबकि सरकार ने इसे राजनीतिक ड्रामा करार दिया है। इस मुद्दे पर अभी और विवाद उठने की संभावना है, क्योंकि यह न केवल संविधान और आंबेडकर के योगदान से जुड़ा है, बल्कि भारतीय राजनीति में दलितों के मुद्दे पर भी गहरे प्रभाव डालता है।

Writer: neelamsingh116

श्रेणियाँ

सभी देखें

Newsletter

Aliqu justo et labore at eirmod justo sea erat diam dolor diam vero kasd

Sit eirmod nonumy kasd eirmod

Newseye .in

Volup amet magna clita tempor. Tempor sea eos vero ipsum. Lorem lorem sit sed elitr sed kasd et

© Newseyedigital. All Rights Reserved. Designed by searchcraftdigital