Category: politics
Published: December 14, 2024
संविधान पर चर्चा के दूसरे दिन लोकसभा में डीएमके सांसद ए. राजा के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया। ए. राजा ने अपने भाषण में सत्ता पक्ष के नेताओं को ‘बैड एलिमेंट्स’ (खराब तत्व) कहा, जिससे भाजपा सांसदों ने आपत्ति जताई। इस टिप्पणी पर हंगामा करते हुए भाजपा ने ए. राजा से माफी की मांग की। ए. राजा ने अपने बयान में कहा कि भाजपा आरएसएस को अपना आदर्श मानती है, लेकिन संविधान निर्माण में आरएसएस का क्या योगदान था, यह सवाल उठाया। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि भाजपा संविधान में संशोधन कर भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना चाहती है। इस बयान पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “डीएमके सांसद को इस दावे का सबूत देना चाहिए। बिना प्रमाण के इस तरह के बयान देना अस्वीकार्य है।”
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि ए. राजा को अपने शब्दों के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा का प्रयोग संसद में करना गलत है और यह सदन की गरिमा के खिलाफ है। भाजपा के नेताओं ने इस बयान को कार्यवाही से हटाने की मांग की। सदन में हंगामे को देखते हुए चेयर की भूमिका निभा रहे सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि ए. राजा की टिप्पणी को कार्यवाही से हटा दिया जाएगा। हालांकि, भाजपा नेताओं का कहना था कि इस तरह की टिप्पणियां न केवल असंवैधानिक हैं, बल्कि यह विपक्ष की मंशा को भी दिखाती हैं।
डीएमके सांसद ए. राजा ने भाजपा पर यह आरोप लगाया कि अगर उसे पूर्ण बहुमत मिलता है, तो वह संविधान में बदलाव करके भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करेगी। इस दावे को लेकर भाजपा नेताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रह्लाद जोशी ने डीएमके पर पलटवार करते हुए कहा, “आपके पार्टी के उपाध्यक्ष ने भी चुनाव से पहले यह बयान दिया था कि भाजपा को अगर 400 सीटें मिलती हैं, तो वह संविधान में संशोधन करेगी। इस तरह के झूठे आरोपों से राजनीतिक माहौल खराब हो रहा है।”
संविधान पर चर्चा का आज दूसरा दिन है। सुबह की शुरुआत संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने की। पहले दिन की चर्चा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुरू की थी। आज दोपहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चर्चा में भाग लेंगे और सदन को संबोधित करेंगे। इस दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी अपनी बात रख सकते हैं। उम्मीद की जा रही है कि राहुल गांधी करीब 2 बजे लोकसभा में अपने विचार रखेंगे। इस पूरे मामले पर विपक्षी दलों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। कांग्रेस और डीएमके ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता पक्ष असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के विवाद खड़े कर रहा है। दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने विपक्ष को गैरजिम्मेदाराना करार दिया और कहा कि संसद जैसे मंच का उपयोग सकारात्मक बहस के लिए होना चाहिए।
संविधान पर चर्चा के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी विचारधाराओं को सामने रखा। सत्ता पक्ष ने संविधान की मौलिकता को बनाए रखने की बात की, जबकि विपक्ष ने इसे बदलने के प्रयासों का आरोप लगाया। इस बीच, सदन में हुए इस विवाद ने संसद की कार्यवाही को बाधित कर दिया और चर्चा का मुख्य उद्देश्य पीछे छूट गया।
Writer: neelamsingh116
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