Category: politics
Published: December 14, 2024
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई है। शनिवार को उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। 97 वर्षीय आडवाणी का इलाज अपोलो अस्पताल के आईसीयू में किया जा रहा है। डॉक्टर विनीत सूरी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम उनकी देखभाल कर रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आडवाणी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों से फोन पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने आडवाणी के परिवार से भी संपर्क कर उनकी स्थिति के बारे में पूछा। पिछले कुछ महीनों में यह चौथी बार है जब लालकृष्ण आडवाणी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले उन्हें अगस्त के महीने में अपोलो अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहीं, 3 जुलाई को भी उन्हें इसी अस्पताल में भर्ती किया गया था। उससे पहले 26 जून को आडवाणी को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती किया गया था। उस समय उन्हें न्यूरोलॉजी विभाग की देखरेख में रखा गया था। उनकी एक छोटी सी सर्जरी भी हुई थी, जिसके बाद उन्हें अगले दिन डिस्चार्ज कर दिया गया था।
लालकृष्ण आडवाणी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। बढ़ती उम्र के चलते उनकी सक्रियता काफी कम हो गई है और वह अब ज्यादातर समय अपने घर पर ही बिताते हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति बहुत कम हो चुकी है।
स्वास्थ्य के मुद्दों के बावजूद, लालकृष्ण आडवाणी को इस वर्ष देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा गया। हालांकि, स्वास्थ्य कारणों के चलते वह राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल नहीं हो सके थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 30 मार्च को उनके दिल्ली स्थित निवास पर जाकर उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित थे। इससे पहले, 2015 में आडवाणी को ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया था।
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के उन नेताओं में से एक हैं जिन्होंने देश की राजनीति को नई दिशा दी। वह वाजपेयी सरकार में उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री रह चुके हैं। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने बीजेपी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पार्टी बनाने में अहम भूमिका निभाई। राम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी सक्रियता ने उन्हें देशभर में एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया। बीजेपी के संस्थापकों में से एक माने जाने वाले लालकृष्ण आडवाणी की छवि हमेशा एक अनुशासित और विचारधारा-प्रधान नेता की रही है। पार्टी के लिए उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
आडवाणी के स्वास्थ्य को लेकर उनके परिवार और समर्थकों में चिंता का माहौल है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी उम्र और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए नियमित देखभाल की आवश्यकता है। फिलहाल अपोलो अस्पताल के डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद जताई जा रही है।
Writer: neelamsingh116
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