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संभल के दीपा सराय में 46 साल बाद खुला मंदिर, पुलिस ने की शांति बनाए रखने की अपील.

Category: politics

Published: December 14, 2024

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उत्तर प्रदेश के संभल जिले के दीपा सराय इलाके में स्थित हनुमान और शिव मंदिर 46 सालों बाद एक बार फिर से खोल दिया गया है। इस ऐतिहासिक मंदिर के दरवाजे खुलने के साथ ही जय श्री राम और जय हनुमान के नारों से परिसर गूंज उठा। प्रशासन ने मंदिर को खोलने से पहले उसकी साफ-सफाई करवाई और इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, स्थानीय निवासियों और बुजुर्गों के अनुसार, यह मंदिर पहले क्षेत्र के हिंदू परिवारों के लिए पूजा-अर्चना का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। लेकिन कुछ दशकों पहले, स्थानीय हिंदू परिवारों ने इस इलाके से पलायन कर दिया था। इसके चलते मंदिर में न तो पुजारी टिक सके और न ही कोई श्रद्धालु यहां नियमित रूप से आ पाते थे। ऐसे में मंदिर को बंद कर दिया गया था।

एक बुजुर्ग निवासी ने बताया कि यह मंदिर उनके पूर्वजों की धरोहर है। हालांकि, यहां रहने वाले हिंदू परिवारों के पलायन के कारण मंदिर का रख-रखाव नहीं हो पाया। उनके मुताबिक, 46 साल पहले उनके परिवार के एक सदस्य ने ही मंदिर के दरवाजे पर ताला लगाया था। पिछले महीने 24 नवंबर को दीपा सराय इलाके में हिंसा की घटना हुई थी। इसके बाद प्रशासन को सूचना मिली कि इस इलाके में एक प्राचीन मंदिर पर अतिक्रमण किया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जांच में पाया गया कि यह वही मंदिर है, जो 46 सालों से बंद पड़ा था।

संभल के सीओ अनुज कुमार चौधरी ने बताया कि पुलिस ने मंदिर की स्थिति को देखा और इसे दोबारा खोलने का फैसला लिया। मंदिर के अंदर काफी धूल और गंदगी जमा हो चुकी थी, जिसे पुलिस की टीम ने साफ करवाया। इसके बाद प्रशासन ने मंदिर को हिंदू समुदाय के लिए पूजा-अर्चना के लिए खोलने की अनुमति दी। मंदिर खुलने के बाद क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन ने भारी पुलिसबल की तैनाती की है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और शांति बनाए रखें।

मंदिर के खुलने से हिंदू समुदाय में उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई है। बड़ी संख्या में लोग मंदिर में पूजा करने के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में धार्मिक नारे गूंज रहे हैं, और श्रद्धालु प्राचीन परंपराओं को पुनः जीवित करने के लिए तत्पर नजर आ रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि उन्होंने यह कदम शांति और सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया है। मंदिर को खोलने से पहले पूरे परिसर की सफाई की गई और पूजा-अर्चना के लिए उचित व्यवस्था की गई।

स्थानीय निवासी उम्मीद जता रहे हैं कि अब मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना हो सकेगी और यह स्थान फिर से धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। प्रशासन ने भी यह सुनिश्चित किया है कि मंदिर में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और क्षेत्र का माहौल शांतिपूर्ण बना रहे।

Writer: neelamsingh116

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