Category: politics
Published: December 12, 2024
सीरिया में लंबे समय से चल रहे विद्रोह ने राष्ट्रपति बशर अल-असद को देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया। असद को सीरिया से भागने की योजना बनाने में रूस का महत्वपूर्ण योगदान था। यह सब एक गुप्त ऑपरेशन के तहत हुआ, जिसे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने व्यक्तिगत रूप से मंजूरी दी थी। असद की सरकार को विद्रोहियों के लगातार बढ़ते प्रभाव से यह एहसास हो गया था कि उनकी हार तय है, जिसके बाद असद को सीरिया से बाहर निकालने का अभियान शुरू हुआ।
विद्रोही सीरिया के प्रमुख शहरों पर कब्जा करते जा रहे थे, और असद के सैनिक विद्रोहियों के खिलाफ संघर्ष करने के बजाय पीछे हटने लगे थे। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए पुतिन ने असद को सीरिया छोड़ने की सलाह दी। फिर, रूसी खुफिया एजेंटों ने इस ऑपरेशन को सख्ती से अंजाम दिया। रूस के एयर बेस से असद को निकालने की योजना बनाई गई, और यह सुनिश्चित किया गया कि असद का भागना पूरी तरह से गुप्त रहे। विमान का ट्रांसपोंडर बंद कर दिया गया, ताकि किसी को भी यह पता न चले कि असद कहां जा रहे हैं।
रविवार की सुबह, फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटरडार 24 पर एक विमान सीरिया की राजधानी दमिश्क से उड़ान भरता हुआ देखा गया। पहले माना जा रहा था कि इस विमान में असद सवार थे, लेकिन फिर विमान ने एक अजीब यू-टर्न लिया और उसके बाद वह रडार से गायब हो गया। इस घटना के बाद असद के मारे जाने या बचने को लेकर अफवाहें फैलने लगीं। कुछ लोग यह मानने लगे थे कि विद्रोहियों ने उनका विमान गिरा दिया है, जबकि कुछ को यह विश्वास था कि असद की मौत हो चुकी है। लेकिन कुछ समय बाद यह स्पष्ट हुआ कि असद सुरक्षित रूप से रूस पहुंच गए थे।
असद का सीरिया से भागना असद वंश के 50 से अधिक वर्षों के शासन का अंत था। बशर अल-असद ने अपने पिता हाफ़िज़ अल-असद के स्थान पर 2000 में सत्ता संभाली थी। उनके जाने के बाद, सीरिया में विद्रोही दलों ने दमिश्क में प्रवेश किया और सीरियाई संघर्ष में अपनी जीत का दावा किया। एक पूर्व सीरियाई खुफिया अधिकारी ने खुलासा किया कि असद अपने परिवार के साथ 135 अरब डॉलर की संपत्ति लेकर रूस भागे थे। यह संपत्ति उन्हें “दुनिया का सबसे अमीर शरणार्थी” बना देती है।
रूस द्वारा समय पर उठाया गया कदम असद के लिए जीवन और मौत के बीच अंतर साबित हुआ। यदि असद सीरिया से नहीं भागते, तो उनका हाल वही हो सकता था, जो लीबिया के गद्दाफी और इराक के सद्दाम हुसैन का हुआ था। गद्दाफी को 2011 में विद्रोहियों ने मार डाला था, जबकि सद्दाम हुसैन को 2006 में मुकदमे के बाद फांसी पर लटका दिया गया था। क्रेमलिन ने 2014 में यूक्रेन के राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच के लिए भी इसी तरह की आपातकालीन निकासी की व्यवस्था की थी, जब वह रूस विरोधी विद्रोह के कारण सत्ता से बाहर हो गए थे।
असद की भागने की घटना ने सीरिया में सत्ता संघर्ष और रूस की भूमिका को एक नई दिशा में मोड़ा। रूस ने सीरिया में असद को बचाने का कदम उठाकर न सिर्फ उन्हें बल्कि अपने प्रभाव को भी सुरक्षित किया। असद के सुरक्षित रूस पहुंचने के बाद, सीरिया में एक नया राजनीतिक परिप्रेक्ष्य उभरने की संभावना बन गई है, लेकिन इस संघर्ष के लंबी अवधि तक जारी रहने की आशंका भी बनी हुई है।
Writer: neelamsingh116
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