Category: sports
Published: January 15, 2025
टीम इंडिया में एक बार फिर खटपट की खबरें सामने आई हैं। हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हेड कोच गौतम गंभीर, सीनियर खिलाड़ियों की कुछ विशेष मांगों से नाखुश हैं। इसके साथ ही, गंभीर का उद्देश्य टीम से ‘सुपरस्टार कल्चर’ को समाप्त करना है। वहीं, दूसरी ओर चयन समिति भी गंभीर की कुछ गतिविधियों से असंतुष्ट नजर आ रही है।
ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवाने के बाद, 11 जनवरी को बीसीसीआई ने एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर, हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान रोहित शर्मा शामिल हुए। बैठक के दौरान टीम के प्रदर्शन पर चर्चा के साथ कुछ अहम मुद्दों को उठाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में यह बात सामने आई कि गंभीर, सीनियर खिलाड़ियों की मांगों से असंतुष्ट हैं। हालांकि, किसी खिलाड़ी का नाम सामने नहीं आया, लेकिन संकेत रोहित शर्मा और विराट कोहली की ओर ही माना जा रहा है।
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान टीम इंडिया के भीतर मतभेद की खबरें तब से चर्चा में हैं, जब पर्थ टेस्ट जीतने के बावजूद खिलाड़ियों ने एक साथ जश्न नहीं मनाया था। इसके बाद मेलबर्न टेस्ट में हार के बाद ड्रेसिंग रूम की बातें बाहर लीक होने से माहौल और बिगड़ गया। सूत्रों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने अभ्यास समय और होटल से जुड़ी विशेष मांगें रखी थीं। गौतम गंभीर को यह बातें पसंद नहीं आईं। एक सूत्र ने बताया, “गंभीर टीम में सुपरस्टार कल्चर खत्म करने आए हैं, लेकिन कुछ खिलाड़ियों को इससे दिक्कत हो रही है।”
गंभीर से नाखुश चयन समिति चाहती है कि वह चयन से जुड़े मामलों से दूरी बनाए रखें। चयन समिति को गंभीर के कुछ फैसलों से नाराजगी है। एक पूर्व चयनकर्ता ने कहा, “गंभीर का तरीका थोड़ा सख्त है। या तो आप रवि शास्त्री की तरह मीडिया फ्रेंडली बनें और खिलाड़ियों को प्रमोट करें, या फिर राहुल द्रविड़ और गैरी कर्स्टन की तरह चुपचाप अपना काम करें। भारत में ग्रेग चैपल जैसा तरीका नहीं चल सकता।”
गौरतलब है कि ग्रेग चैपल, 2005 से 2007 तक टीम इंडिया के कोच थे। उनके कार्यकाल के दौरान भी खिलाड़ियों के साथ विवाद चर्चा में रहा था। इसके अलावा गौतम गंभीर के मैनेजर गौरव अरोड़ा को ज्यादा महत्व दिए जाने से भी चयन समिति नाराज है। एक पूर्व चयनकर्ता ने कहा, “गंभीर का पीए राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के वाहन में क्यों बैठा था? चयनकर्ता अपनी निजी बातचीत तक नहीं कर पाए। इसके अलावा, एडिलेड में गंभीर के मैनेजर को बीसीसीआई के वीआईपी बॉक्स में जगह क्यों दी गई?”
ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान गंभीर के मैनेजर को वीआईपी बॉक्स में बैठकर मैच देखते हुए देखा गया था, जिससे चयन समिति असहज महसूस कर रही थी। टीम इंडिया के भीतर इस समय तनाव का माहौल नजर आ रहा है। गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद से टीम में अनुशासन लाने के प्रयासों से कुछ खिलाड़ी नाराज दिख रहे हैं। अब देखना होगा कि बीसीसीआई इस मामले को कैसे संभालती है और टीम के प्रदर्शन पर इसका क्या असर पड़ता है।
Writer: neelamsingh116
Volup amet magna clita tempor. Tempor sea eos vero ipsum. Lorem lorem sit sed elitr sed kasd et
© Newseyedigital. All Rights Reserved. Designed by searchcraftdigital