Category: sports
Published: January 13, 2025
भारतीय क्रिकेट में दिग्गजों के साथ जुड़ने वाले नामों की कमी नहीं है। इन्हीं में एक नाम है योगराज सिंह, जो भारत के पूर्व तेज गेंदबाज और टीम इंडिया के पूर्व स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह के पिता हैं। योगराज सिंह हमेशा अपनी बेबाक राय और विवादित बयानों की वजह से चर्चा में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए अर्जुन तेंदुलकर को लेकर बयान दिया है, जिससे क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है।
महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने साल 2022 में कुछ दिनों तक योगराज सिंह के साथ ट्रेनिंग की थी। उस समय अर्जुन अपने करियर को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे थे। पंजाब में स्थित अपनी क्रिकेट अकादमी में योगराज ने अर्जुन को खासतौर पर ट्रेनिंग दी, जिसमें उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों पर काम किया गया। इसका असर जल्द ही नजर आया, जब अर्जुन ने रणजी ट्रॉफी में गोवा की ओर से खेलते हुए शतक लगाया। इसके अलावा, उन्होंने आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए डेब्यू करते हुए कुछ महत्वपूर्ण विकेट भी हासिल किए।
हालांकि, इसके बाद अर्जुन ने दोबारा योगराज सिंह के पास ट्रेनिंग के लिए नहीं लौटने का फैसला किया। इस पर अब खुद योगराज ने खुलासा किया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “सचिन का बेटा यहां 12 दिनों के लिए आया था। मैंने उसे पूरी तरह से गाइड किया, और उसने शतक मारा। इसके बाद जब वह आईपीएल में पहुंचा, तो कुछ लोगों को डर लगने लगा कि उसका नाम मेरे साथ जुड़ जाएगा। लोग इस बात से डर गए थे।”
योगराज का यह बयान उनके विवादास्पद व्यक्तित्व की ओर इशारा करता है। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने युवराज से अर्जुन को एक साल के लिए उनकी अकादमी में भेजने की बात भी की थी। 2022 में अर्जुन तेंदुलकर की ट्रेनिंग के दौरान योगराज ने उनकी जमकर तारीफ की थी। उन्होंने अर्जुन को बेहद टैलेंटेड ऑलराउंडर बताया था और कहा था कि उन्हें सही तरीके से गाइड करने की जरूरत है। यहां तक कि उन्होंने अर्जुन में युवराज सिंह जैसी क्षमता देखने की बात भी कही थी।
हालांकि, कुछ समय बाद योगराज ने अर्जुन पर तीखा बयान देते हुए उन्हें “कोयला” कह दिया। उनके इस बयान ने मीडिया में काफी सुर्खियां बटोरीं। योगराज का कहना था कि अर्जुन से जिस तरह की उम्मीदें की जा रही थीं, वह उन पर खरे नहीं उतर सके। योगराज ने यह भी कहा कि अगर अर्जुन उन्हें एक साल तक मिल जाएं, तो वह उनका पूरा खेल बदल सकते हैं। उन्होंने युवराज से इस सिलसिले में सचिन से बात करने के लिए भी कहा था। हालांकि, अर्जुन ने अपनी राह खुद चुन ली और दोबारा योगराज से ट्रेनिंग नहीं ली।
रणजी ट्रॉफी में शतक लगाने और आईपीएल में डेब्यू करने के बावजूद अर्जुन तेंदुलकर अभी तक उस स्तर की सफलता हासिल नहीं कर पाए हैं, जिसकी उनसे उम्मीद की जा रही थी। योगराज सिंह का यह बयान अर्जुन के करियर को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आया है। योगराज सिंह का यह खुलासा दर्शाता है कि क्रिकेट की दुनिया में दिग्गजों से जुड़ाव कई बार खिलाड़ी के लिए फायदेमंद तो होता है, लेकिन इसमें जोखिम भी होते हैं। अर्जुन तेंदुलकर के पास टैलेंट है, लेकिन उन्हें अपने प्रदर्शन को लगातार बेहतर करने की जरूरत है। योगराज जैसे कोच की सख्त ट्रेनिंग का फायदा उन्हें शायद लंबे समय तक मिल सकता था।
Writer: neelamsingh116
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