Category: politics
Published: January 08, 2025
बांग्लादेश की मौजूदा सरकार लगातार भारत से अपनी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है। इसके बावजूद भारत सरकार ने शेख हसीना का वीजा बढ़ाने का फैसला लिया है। इस कदम को न सिर्फ कूटनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि यह भारत की विदेश नीति के महत्वपूर्ण पहलुओं को भी उजागर करता है। दिलचस्प बात यह है कि बांग्लादेश सरकार ने पहले ही शेख हसीना का पासपोर्ट रद्द कर दिया है। इसके बावजूद भारत द्वारा उनका वीजा बढ़ाना, बांग्लादेश को एक अप्रत्यक्ष लेकिन साफ संदेश देने का प्रयास है।
शेख हसीना, जिन पर बांग्लादेश में हत्या सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, 5 अगस्त को सत्ता से हटने के बाद भारत में शरण ले चुकी हैं। भारत ने उन्हें कानूनी तौर पर देश में बने रहने की अनुमति देकर यह संकेत दिया है कि फिलहाल उनका प्रत्यर्पण संभव नहीं है। बांग्लादेश की सरकार ने बार-बार प्रत्यर्पण की मांग की है, लेकिन भारत ने इसे नजरअंदाज कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का फैसला लिया। इस पूरे मामले में भारत सरकार की यह रणनीति स्पष्ट करती है कि वह पड़ोसी देशों के साथ अपने हितों की रक्षा को लेकर सजग है।
भारत के इस फैसले के पीछे कई कूटनीतिक कारण हो सकते हैं। आइए इन कारणों पर विस्तार से चर्चा करते हैं:
1. बांग्लादेश पर राजनीतिक दबाव
भारत इस कदम के जरिए बांग्लादेश की वर्तमान सरकार पर दबाव बनाना चाहता है। यह संकेत दिया गया है कि शेख हसीना के मुद्दे पर भारत पीछे नहीं हटेगा। इससे भारत अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
2. मानवाधिकारों की रक्षा
वीजा बढ़ाकर भारत ने यह स्पष्ट किया है कि वह मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों का समर्थन करता है। शरणार्थियों के अधिकारों के मुद्दे पर भी यह कदम भारत की एक सकारात्मक छवि पेश करता है।
3. आर्थिक और सामरिक हित
शेख हसीना के कार्यकाल में भारत और बांग्लादेश के बीच कई आर्थिक और सामरिक समझौते हुए थे। उन्हें संरक्षण देकर भारत, बांग्लादेश की मौजूदा सरकार को अपनी शर्तों पर सहमति देने के लिए मजबूर कर सकता है।
भारत के इस कदम से बांग्लादेश की सरकार नाखुश है और अपनी नाराजगी जताने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर सकती है।
1. अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुद्दा उठाना
बांग्लादेश सरकार इस मामले को संयुक्त राष्ट्र या अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में उठा सकती है।
2. भारत के साथ संबंधों में खटास
बांग्लादेश, भारत के साथ अपने व्यापारिक और सामरिक सहयोग को सीमित करने की कोशिश कर सकता है, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध खराब हो सकते हैं।
3. चीन की ओर झुकाव बढ़ाना
बांग्लादेश, चीन के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर भारत पर दबाव बना सकता है। बांग्लादेश और चीन के बीच पहले से ही कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिसे और बढ़ावा दिया जा सकता है।
भारत का शेख हसीना को वीजा बढ़ाकर बांग्लादेश को संदेश देना, कूटनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे साफ है कि भारत अपने हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि बांग्लादेश इस मामले में क्या रुख अपनाता है और भारत-बांग्लादेश संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
Writer: neelamsingh116
Volup amet magna clita tempor. Tempor sea eos vero ipsum. Lorem lorem sit sed elitr sed kasd et
© Newseyedigital. All Rights Reserved. Designed by searchcraftdigital