Category: sports
Published: January 08, 2025
भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे से वापस लौट चुकी है। वहां पर पांच मैचों की सीरीज के बाद कुछ खिलाड़ी सीधे घरेलू टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में हिस्सा लेने जा रहे हैं। इनमें कर्नाटक की टीम के प्रमुख खिलाड़ी प्रसिद्ध कृष्णा और देवदत्त पडिक्कल भी शामिल हैं। हालांकि, कर्नाटक टीम के ही अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल ने इस बार विजय हजारे ट्रॉफी से दूर रहने का फैसला किया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर उन्होंने ये फैसला क्यों लिया?
विजय हजारे ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले 9 जनवरी से शुरू हो रहे हैं। कर्नाटक की टीम 11 जनवरी को चौथे क्वार्टर फाइनल में बड़ौदा से भिड़ेगी। ये मुकाबला वडोदरा में खेला जाएगा। कर्नाटक टीम में प्रसिद्ध कृष्णा और देवदत्त पडिक्कल जैसे खिलाड़ी शामिल होंगे, जो हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटे हैं। लेकिन केएल राहुल, जो घरेलू क्रिकेट में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करते हैं, इस मुकाबले में नहीं खेलेंगे।
केएल राहुल ने विजय हजारे ट्रॉफी से दूरी बनाए रखने की मुख्य वजह आराम को बताया है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर राहुल ने पांचों मैच खेले थे, जिससे उनका वर्कलोड काफी अधिक हो गया था। यही कारण है कि उन्होंने अपने शरीर को आराम देने का फैसला किया है। इसके अलावा, एक और व्यक्तिगत कारण भी उनके इस फैसले के पीछे है—वे जल्द ही पिता बनने वाले हैं, इसलिए वे अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं। हालांकि, प्रसिद्ध कृष्णा और देवदत्त पडिक्कल के टीम में शामिल होने से कर्नाटक की टीम को मजबूती मिली है। प्रसिद्ध कृष्णा ने विजय हजारे ट्रॉफी के पिछले दो सीजनों (2017-18 और 2018-19) में 17-17 विकेट लिए थे। इस बार भी कर्नाटक को उनसे वैसा ही प्रदर्शन करने की उम्मीद होगी, खासकर तब जब टूर्नामेंट अब नॉकआउट चरण में पहुंच चुका है।
केएल राहुल के आराम की मांग पर कुछ लोग सवाल भी उठा सकते हैं। हालांकि, अगर ऑस्ट्रेलिया दौरे में उनके प्रदर्शन और वर्कलोड पर नजर डालें, तो यह फैसला सही लगता है। राहुल ने वहां पांचों मैच खेले, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने केवल एक टेस्ट मैच खेला, और देवदत्त पडिक्कल को कोई भी मौका नहीं मिला। इस हिसाब से बाकी खिलाड़ियों के मुकाबले राहुल का वर्कलोड कहीं ज्यादा रहा।
इसके अलावा, इंग्लैंड के खिलाफ आगामी व्हाइट बॉल सीरीज में उनका चयन लगभग तय माना जा रहा है। ऐसे में खुद को फिट रखना उनके लिए महत्वपूर्ण हो जाता है, ताकि वे इंग्लैंड के खिलाफ पूरी तरह तैयार रहें। हालांकि, केएल राहुल के नहीं खेलने से कर्नाटक टीम को थोड़ी कमी जरूर खलेगी, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा और देवदत्त पडिक्कल की मौजूदगी से टीम को संतुलन मिलेगा। कृष्णा ने जहां अपने पिछले प्रदर्शन से प्रभावित किया है, वहीं पडिक्कल भी घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बना रहे हैं। ऐसे में कर्नाटक की टीम एक मजबूत दावेदार के तौर पर नजर आ रही है।
केएल राहुल का विजय हजारे ट्रॉफी में नहीं खेलना एक सोच-समझा फैसला है। एक ओर जहां उनके आराम की जरूरत थी, वहीं पारिवारिक जिम्मेदारी भी इसका कारण बनी। दूसरी ओर, कर्नाटक की टीम बाकी खिलाड़ियों की मौजूदगी से संतुलित लग रही है और क्वार्टर फाइनल में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। अब सभी की निगाहें 11 जनवरी को होने वाले कर्नाटक-बड़ौदा मुकाबले पर टिकी होंगी।
Writer: neelamsingh116
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