Category: politics
Published: January 07, 2025
भारत में Human Metapneumovirus (HMPV) वायरस के मामलों में तेजी आई है। अब तक देश में इसके 8 मामले सामने आ चुके हैं, जिससे लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है। वहीं, कई रिपोर्ट्स में इसे कोरोना वायरस (COVID-19) के समान खतरनाक बताया जा रहा है, लेकिन क्या सच में ऐसा है? क्या एचएमपीवी भी कोरोना की तरह ही तबाही मचाएगा? इस पर एक्सपर्ट्स का क्या कहना है, आइए जानते हैं।
एचएमपीवी और कोरोना दोनों ही वायरस सांस संबंधी समस्याएं उत्पन्न करते हैं। एचएमपीवी एक आरएनए वायरस है, जो न्यूमोविरिडे वायरस परिवार से संबंधित है। इसके लक्षण अधिकतर रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (RSV) से मिलते-जुलते होते हैं, जो भारत में सामान्यत: पाया जाता है। दूसरी ओर, कोरोना वायरस कोरोनाविरिडे परिवार से संबंधित है, और इसके लक्षण एचएमपीवी से मिलते-जुलते होते हैं। इन दोनों वायरसों के फैलने का तरीका भी समान है - संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना, संक्रमित सतहों को छूना और हवा में वायरस के ड्रॉपलेट्स के जरिए फैलना। इस वजह से एचएमपीवी से बचाव के उपाय भी वही हैं, जो कोरोना के लिए थे - सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना और हाथ धोना।
एचएमपीवी से जुड़े तथ्य और रिसर्च
दिल्ली स्थित एम्स के शोध के अनुसार, एचएमपीवी वायरस नया नहीं है। भारत में इसके मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। पिछले वर्ष एम्स में किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया कि सांस संबंधी संक्रमण के कुल मामलों में से 5% मामलों में एचएमपीवी वायरस था। इस शोध में 700 मरीजों को शामिल किया गया था। शोध के परिणामों से यह भी सामने आया कि एचएमपीवी से मरने की दर बहुत कम है, और अधिकांश संक्रमित लोग कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं। एम्स के शोध के अनुसार, एचएमपीवी से अधिक खतरा उन लोगों को हो सकता है, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर हो या जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हों। बच्चों को भी ज्यादा सावधानी की आवश्यकता होती है।
क्या एचएमपीवी कोरोना जितना खतरनाक है?
फोर्टिस अस्पताल के पल्मोनोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार गोयल का कहना है कि एचएमपीवी को लेकर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस वायरस से संक्रमित अधिकांश लोगों में हल्के लक्षण ही देखे जाते हैं, जैसे कि खांसी, जुकाम और हल्का बुखार। यह वायरस सामान्यतः अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में सक्रिय रहता है और लंग्स तक पहुंचने की संभावना कम होती है। डॉ. गोयल के अनुसार, एचएमपीवी बच्चों में अधिक पाया जाता है, लेकिन यह गंभीर लक्षण उत्पन्न नहीं करता। हालांकि, यदि किसी बच्चे की इम्यूनिटी बहुत कमजोर हो, तो उसे ज्यादा खतरा हो सकता है। दूसरी ओर, कोरोना वायरस का प्रभाव लंग्स पर पड़ता था, जिसके कारण शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती थी, लेकिन एचएमपीवी से ऐसा होने की संभावना कम है।
एचएमपीवी के लक्षण
एचएमपीवी वायरस से संक्रमित व्यक्ति में निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं:
• खांसी
• बुखार
• नाक बहना
• गला खराब होना
• सांस लेने में परेशानी
एचएमपीवी से बचाव के उपाय
एचएमपीवी से बचाव के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतें:
• हाथ धोकर भोजन करें
• संक्रमित व्यक्ति से संपर्क से बचें
• खांसी, जुकाम या बुखार होने पर जांच कराएं
• बच्चों की विशेष देखभाल करें
एचएमपीवी वायरस कोरोना जितना खतरनाक नहीं है, और इसके लक्षण भी सामान्य रूप से हल्के होते हैं। हालांकि, सावधानी बरतना जरूरी है, खासकर बच्चों और कमजोर इम्यूनिटी वाले व्यक्तियों के लिए। यदि आप एचएमपीवी के लक्षण महसूस करते हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लें और अपनी सेहत का ख्याल रखें।
Writer: neelamsingh116
Volup amet magna clita tempor. Tempor sea eos vero ipsum. Lorem lorem sit sed elitr sed kasd et
© Newseyedigital. All Rights Reserved. Designed by searchcraftdigital