Category: politics
Published: December 30, 2024
बिहार की राजधानी पटना में बीपीएससी अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज ने राज्य में सियासी माहौल गरमा दिया है। इस घटना के बाद जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की है। उन्होंने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि अगर मामले का समाधान नहीं हुआ तो वह खुद 2 जनवरी से धरने पर बैठेंगे।
प्रशांत किशोर ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि वह गांधी मैदान से भागे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि गांधी मैदान एक सार्वजनिक स्थल है और वहां प्रदर्शन करने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। उनका दावा है कि अभ्यर्थियों ने वहां केवल अपनी आगामी रणनीति तय करने के लिए बैठक की थी और कोई तोड़फोड़ या हंगामा नहीं हुआ।
प्रशांत किशोर ने कहा कि प्रदर्शन से पहले यह निर्णय लिया गया था कि शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकाला जाएगा और किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि छात्र गांधी मैदान से निकलकर शांति से पैदल मार्च कर रहे थे। प्रशांत किशोर ने बताया कि जब अभ्यर्थी मौर्या इलाके के पास पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। छात्रों ने वहीं शांतिपूर्वक बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रशांत किशोर के अनुसार, पुलिस और प्रशासन से बातचीत के दौरान यह सहमति बनी थी कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात बीपीएससी के सचिव या मुख्य सचिव से कराई जाएगी।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उनके जाने के बाद पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, जो पूरी तरह अनुचित और अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत की जाएगी। इस पूरे प्रकरण के बाद विपक्षी दलों ने प्रशांत किशोर पर निशाना साधा। कांग्रेस और आरजेडी ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर आंदोलन के दौरान गांधी मैदान छोड़कर भाग गए। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और सांसद पप्पू यादव ने पीके पर छात्रों को डराने और अपनी “चुनावी हैसियत” दिखाने का आरोप लगाया।
प्रशांत किशोर ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कुछ कांग्रेस नेताओं ने उनका विरोध किया है, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने विपक्ष के नेताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वे छात्रों के समर्थन में अस्पताल, प्रदर्शन स्थल या अन्य जगह पहुंचे? उन्होंने चुनौती दी कि अगर विपक्ष के नेता आंदोलन का नेतृत्व करना चाहते हैं, तो वे इसके लिए तैयार हैं और उनका समर्थन करेंगे।
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि बीपीएससी छात्रों के समर्थन में आंदोलन जारी रहेगा और इसे किसी भी हालत में दबने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पटना में कुछ पुलिस अधिकारियों को ‘हीरोइज्म’ की आदत हो गई है, लेकिन इस बार उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्रशांत किशोर ने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए और जल्द से जल्द इस मुद्दे का समाधान करना चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो वह 2 जनवरी से खुद धरने पर बैठ जाएंगे।
Writer: neelamsingh116
Volup amet magna clita tempor. Tempor sea eos vero ipsum. Lorem lorem sit sed elitr sed kasd et
© Newseyedigital. All Rights Reserved. Designed by searchcraftdigital