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भारत के विकास में डॉ. मनमोहन सिंह का योगदान: आर्थिक सुधारों से लेकर ऐतिहासिक योजनाओं तक.

Category: politics

Published: December 27, 2024

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डॉ. मनमोहन सिंह, जिन्हें भारत के आर्थिक सुधारों का शिल्पकार कहा जाता है, ने देश के विकास को एक नई दिशा दी। बतौर वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री उन्होंने कई ऐसे फैसले लिए, जो भारत की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे को मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित हुए। 1991 में, जब भारत गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा था, उन्होंने उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नीति अपनाई। इन नीतियों ने देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया। 1991 का बजट भारत के इतिहास में क्रांतिकारी साबित हुआ। इस बजट के बाद देश का विदेशी मुद्रा भंडार केवल दो वर्षों में 1 अरब डॉलर से बढ़कर 10 अरब डॉलर तक पहुंच गया। 1998 में यह आंकड़ा 290 अरब डॉलर हो गया। इस सुधार ने भारतीय बाजार को विदेशी निवेशकों के लिए खोल दिया और देश की अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान की।

2004 में प्रधानमंत्री बनने के बाद डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने वित्त मंत्री कार्यकाल के आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाया। उनके कार्यकाल के दौरान कई ऐसी योजनाएं शुरू की गईं, जिन्होंने न केवल देश की सामाजिक स्थिति में सुधार किया, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाई। डॉ. सिंह की अगुआई में 2005 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) शुरू हुई। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का सबसे बड़ा माध्यम बनी। इससे करोड़ों लोगों को रोजगार मिला और उनकी आय में सुधार हुआ। वर्ल्ड बैंक ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा लोक निर्माण कार्यक्रम बताया है। यह योजना देश की 15% आबादी को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है।

शिक्षा को हर बच्चे का अधिकार बनाने के लिए डॉ. मनमोहन सिंह सरकार ने 2009 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू किया। इस अधिनियम के तहत 6 से 14 साल के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान किया गया। यह कानून भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21(A) के तहत पारित किया गया था, जो शिक्षा को हर बच्चे का मूलभूत अधिकार मानता है। डॉ. सिंह की सरकार द्वारा 2005 में लागू किया गया सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) जनता के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इस कानून ने सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई। इसके जरिए नागरिक सरकारी विभागों और अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह कानून भ्रष्टाचार रोकने में भी मददगार साबित हुआ।

डॉ. सिंह के कार्यकाल में 2009 में आधार कार्ड योजना शुरू हुई। इसके तहत हर नागरिक को एक विशिष्ट पहचान संख्या दी गई। आधार ने सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। संयुक्त राष्ट्र तक ने इस योजना की प्रशंसा की है। 2013 में उनकी सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू किया, जिसका उद्देश्य देश की लगभग दो-तिहाई आबादी को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना था। यह कानून यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इसके तहत गरीब परिवारों को सस्ते दर पर पर्याप्त मात्रा में अनाज दिया जाता है।

डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ ऐतिहासिक परमाणु समझौता किया। यह डील भारत के लिए अत्यधिक चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि गठबंधन सरकार में होने के कारण राजनीतिक दबाव काफी था। इसके बावजूद उन्होंने इस समझौते को अंतिम रूप दिया। इस समझौते ने भारत को परमाणु शक्ति के रूप में वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दी और अमेरिका के साथ संबंधों को मजबूत किया। उनके नेतृत्व में भारत ने आर्थिक और सामाजिक विकास के कई महत्वपूर्ण पड़ाव पार किए। उनके द्वारा लिए गए फैसले न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य के लिए भी एक स्थायी प्रभाव छोड़ गए। आर्थिक सुधारों से लेकर सामाजिक योजनाओं तक, उनकी उपलब्धियां भारत के विकास की कहानी का अभिन्न हिस्सा हैं।

Writer: neelamsingh116

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